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jagjit singh & chitra singh - agar hum kahen aur woh muskara den كلمات أغنية

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[intro]
अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें
अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें
हम उनके लिए ज़िंदगानी लुटा दें

हर एक मोड़ पर हम ग़मों को सज़ा दें
हर एक मोड़ पर हम ग़मों को सज़ा दें
चलो, ज़िंदगी को मोहब्बत बना दें
हर एक मोड़ पर हम ग़मों को सज़ा दें

[verse 1]
अगर ख़ुद को भूलें तो कुछ भी न भूलें
अगर ख़ुद को भूलें तो कुछ भी न भूलें
कि चाहत में उनकी, ख़ुदा को भुला दें

[chorus]
अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें

[verse 2]
कभी ग़म की आँधी जिन्हें छू न पाए
कभी ग़म की आँधी जिन्हें छू न पाए
वफ़ाओं के हम वो नशेमन बना दें

[chorus]
हर एक मोड़ पर हम ग़मों को सज़ा दें
[verse 3]
क़यामत के दीवाने कहते हैं हमसे
क़यामत के दीवाने कहते हैं हमसे
चलो, उनके चेहरे से पर्दा हटा दें

[chorus]
अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें

[verse 3]
सज़ा दें, सिला दें, बना दें, मिटा दें
सज़ा दें, सिला दें, बना दें, मिटा दें
मगर वो कोई फ़ैसला तो सुना दें

[chorus]
हर एक मोड़ पर हम ग़मों को सज़ा दें
चलो, ज़िंदगी को मोहब्बत बना दें

[outro]
अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें
हम उनके लिए ज़िंदगानी लुटा दें
चलो, ज़िंदगी को मोहब्बत बना दें
अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें
चलो, ज़िंदगी को मोहब्बत बना दें
अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें

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